16/08/2025
#आखिर कब तक एल. टी. चयनित अभ्यर्थी, उत्तराखंड सरकार और इस प्रदेश के माननीय #शिक्षा #मंत्री #श्री #धन #सिंह जी के झूठे और खोखले वादों की मार झेलते रहेंगे!
#एल टी.चयनित अभ्यर्थीयों को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय देहरादून में करीब 122 दिन से ऊपर यानि की #चार #माह से अधिक का समय धरने में बैठे हो चूका है, पर हमारी प्रदेश सरकार की नाकामी,उदासीनता और इस विफल सिस्टम के कारण अभी तक हमारी भर्ती कोर्ट में लटकी हुई है, हमारी सरकार से कोर्ट में एक अच्छी पैरवी तक नहीं हो पा रही है, मैं तो इसमें सरकार और आयोग की नाकामी ही समझूंगा, या फिर सरकार अपने स्वार्थ सिद्ध करने के लिए जानबूझकर हमारे साथ ये खेल, खेल रही है! आखिर इस प्रदेश की #भोली-भाली #जनता और #शिक्षित #बेरोजगार #युवा इन नेताओं के #वोट #बैंक बनकर रह गये!
#मैं इस प्रदेश की भोली -भाली जनता और प्रबुद्ध बुद्धिजीवीयों से विनम्र निवेदन करना चाहता हूँ कि आप लोगों को भी अपने और अपने बच्चों के बारे में सोचने और समझने का समय आ गया है, इस प्रदेश में अपने अधिकार सहजता के साथ नहीं मिलने वाले अपितु यंहा पर छीनने से अपने अधिकार लेने पढ़ते है!इसीलिए आप सभी को इस प्रदेश की सरकार से लड़ना होंगा और अपने और अपने बच्चों का भविष्य बचाना होंगा, अन्यथा हम और आप लोग इस प्रदेश में #वोट #बैंक बनकर ही रह जायेंगे!
#सरकार को ये फर्क नहीं पढ़ता की इन 1544 एल. टी चयनित शिक्षकों को समय से नियुक्ति दें, इन पर ग्रामीण रिहायशी क्षेत्र में गरीब और किसानों के बच्चों का भविष्य निर्भर करता है, जब अच्छे शिक्षक होंगे तभी तो उनको अच्छी एजुकेशन मिलेंगी जिससे वो अपना और समाज का सर्वांगीण विकास कर पाएंगे! पर नहीं #सरकार को तो #सिर्फ #और #सिर्फ चुनावी समय पर अच्छे #वोट #बैंक ही चाहिए, इन्हे बच्चों को अच्छी शिक्षा देने से क्या फायदा है इनका फायदा तो उनको बेकार और घिसी -पीटी शिक्षा देने से है, ताकि बच्चों का कोई विकास न हो सकते, बस इतना पढ़ लिख ले की #उनका #चुनावी #चिन्ह #पहचान ले!
#इसके लिए हम सभी लोग जिम्मेदार है,ये सरकार के लिए तभी सम्भव हो पाता है क्योंकि हम लोग उनकी हर बातों को सहजता से स्वीकार कर लेते है, जिस दिन हमने गलत को गलत और सही को सही ठहराने की हिम्मत रख ली, उस दिन समझ लो हमने एक सकारात्मक क्रांति की और अपने कदम रख लिए और आगे की क्रांति भी इसी पहल पर निर्भर करती है! #
#आजकल त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव में ब्लॉक प्रमुख,जिला पंचायत अध्यक्ष आदि का चुनाव हुआ और उनके परिणाम भी निकल गये है,जिसमें कि हमारे बीच के ही लिखें पढ़े समाज के लोगों द्वारा खूब नारे बाजी की जा रही है और उनको शहर-शहर, गली-गली, मोहल्ला -मोहल्ला कंधों पर नचाया जा रहा है! आखिर इतनी खुशी किस बात की है आम जनता के मन में, जैसे कि वो लोग तुम्हारे बैंक खाते और घर भरने वाले हैं!
आम जनता का काम है उनको अच्छे उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित करना #( न की अब उनके पीछे -पीछे दुम लगाकर भागना) #जिससे कि वह समाज के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर सके!लेकिन नहीं हम लोगों को तो आदत है इन नेताओं की गुलामगिरी करने की, जिसका फायदा सिर्फ और सिर्फ नेताओं को मिलता है!
#अगर इसी प्रकार का सहयोग और समर्थन देने की बात अपने और अपने बच्चों के भविष्य के लिए करना पड़े तो यही #लिखा #पढ़ा समाज उसके लिए आगे आने को #तैयार नहीं होगा! #
#मुझे तो इस #लिखें #पढ़े #समाज के लिए #घृणा #आती है, जो इन अनपढ़ नेताओं के साथ #गली #गली #मोहल्ला #मोहल्ला खूब नारेबाजी लगाते हुए नजर आ रहे है!
#बात #कड़वी है पर #आधुनिक #समय में #प्रासंगिक है! #
#!!जय #हिन्द जय #उत्तराखंड ❤️🙏🏿❤️!! #
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