06/04/2026
#परमाणु_बम्ब_गिरा_देना_चाहिए_ईरान_पर इजराइल को यदि अपना #अस्तित्व बचाना है तो .....???
"इजरायल" को जितना खतरा ईरान से हैं उससे ज्यादा अरब देशों को ईरान से है। अरब देश अमेरिका और इजरायल के द्वारा ईरान को खत्म करना चाहते हैं। अगर ईरान #परमाणु_बम बना लेता है तो वह अरब देशों को #हड़प लेगा यह अरब देश अच्छी तरह जानते हैं।
मध्य पूर्व में #तनाव बढ़ रहा है, और यह एक बड़ा खतरा है दुनिया की शांति और सुरक्षा के लिए। ईरान और इजराइल के बीच का तनाव एक बड़ा मुद्दा है, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उसकी सैन्य गतिविधियों ने इजराइल और अन्य अरब देशों को चिंतित कर दिया है #अमेरिका की भूमिका तनाव में बहुत महत्वपूर्ण है, और यह सच है कि अमेरिका के फैसलों का इस क्षेत्र पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है। डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों ने इस तनाव को बढ़ाया है, लेकिन यह भी सच है कि अमेरिका के पास इस तनाव को कम करने की क्षमता है।
#ईरान_के_शिया इस्लाम और अरब देशों के सुन्नी इस्लाम के बीच तनाव एक बड़ा मुद्दा है,मुस्लिम दुनिया पर सुन्नी मुस्लिमों का एक अधिकार है जिसका नेतृत्व सऊदी अरब करता है।
जिस पर शिया ईरान हमेशा से काबिज होना चाहता है,शिया मुस्लिम अपने को सुन्नी मुस्लिमों से श्रेष्ठ मानते है,
#मुस्लिम देशों पर रहे हैं और मुस्लिम जगत ताली बजा रहा है। कितनी अजीब बात है कि पूरी दुनिया में इस्लाम को फैलाने के लिए पेट्रो डॉलर की नदी बहाने वाले अरब देश बर्बाद हो रहे हैं और #मुस्लिम_उम्मा खुशी से उछल रहा है। अगर आप सोच रहे हैं कि ये लड़ाई अमेरिका की है तो आप गलत हैं। अमेरिका को ईरान से कोई खतरा नहीं है। वो अगर इस लड़ाई को छोड़कर चला जाता है तो उसका कुछ बिगड़ने वाला नहीं है। ये लड़ाई पूरी तरह से इजराइल और अरब मुल्कों की है। ईरान में इजराइल के खात्मे का नारा लगाया जाता है, इसलिए ये लड़ाई उसके लिए #जीवन_मरण का प्रश्न है। डोनाल्ड ट्रंप जानबूझकर जंग खत्म करके जाने की बात कर रहे हैं क्योंकि वो जानते हैं कि उनके जाने के बाद ईरान अरब देशों को #बर्बाद कर देगा। अरब देश ईरान के खतरे को हमेशा के लिए खत्म कर देना चाहते हैं इसलिए ये जंग जल्दी खत्म होने वाली नहीं है। बेशक अरब देश इस जंग में इजराइल के साथ नजर नही आ रहे हों लेकिन सच ये है कि ईरान के बारे में उनकी सोच इजराइल से अलग नहीं है। ईरान इस समय इजराइल से भी बड़ा #खतरा_अरब देशों के लिए बन गया है, इसलिए वो अमेरिका को इस युद्ध से निकलने नहीं देंगे। अमेरिका अच्छी तरह जानता है कि वो किसकी लड़ाई लड़ रहा है इसलिए वो अरब देशों से युद्ध का खर्च मांग रहा है। जहाँ तक ईरान की बात है, उसने बड़े-बड़े आतंकवादी संगठन खड़े कर दिए हैं इसलिए उसे एक आतंकवादी देश कहना गलत नहीं है। इसकी सेना भी एक तरह से आतंकवादी संगठन है। अमेरिका कितना भी स्वार्थी देश हो, डोनाल्ड ट्रंप कितना भी बड़ा पागल हो, लेकिन इस समय वो दुनिया को बचाने की जंग लड़ रहा है।
7 अक्टूबर को इजराइल पर #हमास ने धोखे से हमला कर 1400 सों मासूम महिला बच्चों का #नरसंहार किया और 250 लोगों को अपने साथ गाजा ले गया,,वहाँ इजराइली महिलाओ को नंगा घुमाकर सामुहिक बलात्कार किये,,छोटे छोटे बच्चों को जिन्दा ओवन मे भून दिया,,ये िशाच ईरान ने पैदा किये थे,, लेबनान मे हिजबुल्लाह के शैतान, हूती लाल सागर मे आतंकवाद का नंगा नाच कर रहे हैं ये सब ईरान की देन है,,
हमारे देश में #खामेनेई_कि_मौत पर जिन लोगों ने मातम मनाया, शायद ये ईरानी आतंकवादी हो सकते है इसकी जाँच कि जानी चाहिए, वास्तव में ये ईरानी आतंकवादी हुए तो हमारे देश कों बहुत ही ज्यादा खतरा है,भविष्य मे पाकिस्तान से जंग होने पर ये घुसपैठिए भारत के विरुद्ध ग्रहयुद्ध शुरू कर सकते है,,
इनका समूह नाश होना जरूरी है,,