21/06/2026
🕋 हज यात्रा के लिए सरकार का बड़ा डिजिटल विज़न: जल्द आएगी नई 'हज पॉलिसी 2027', AI एप्लिकेशन संभालेगा पूरा ज़िम्मा
केंद्रीय अल्पसंख्यक और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने नई दिल्ली (डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर) में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 'हज 2026' के सफल संपन्न होने की घोषणा की।
इसके साथ ही उन्होंने आगामी 'हज यात्रा 2027' को और अधिक पारदर्शी, हाई-टेक और सुगम बनाने के लिए नई हज पॉलिसी और नियमों में बड़े बदलावों का रोडमैप साझा किया है।
इस नई नीति और तकनीकी सुधारों की मुख्य बातें नीचे विस्तार से दी गई हैं:
🏆 इतिहास की सबसे सफल यात्रा और मिले दो अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार
ऐतिहासिक प्रबंधन: मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, इस साल की हज यात्रा भारत के इतिहास में अब तक की सबसे बेहतरीन और सुनियोजित यात्रा रही, जिसमें करीब 1.75 लाख (1,75,000) भारतीय तीर्थयात्रियों ने बिना किसी बड़ी असुविधा के हज मुकम्मल किया।
वैश्विक सम्मान: इस शानदार प्रबंधन के लिए सऊदी अरब सरकार के हज और उमराह मंत्रालय द्वारा भारतीय हज मिशन को पहली बार उत्कृष्ट समन्वय (Coordination) और संचार (Communication) के लिए दो प्रतिष्ठित 'लब्बैतुम अवार्ड' (Labbaytum Awards) से नवाजा गया है।
सऊदी अरब के अधिकारियों ने भारत की मेडिकल और हेल्थकेयर व्यवस्था की भी दिल खोलकर तारीफ की है।
बीमा कवर में बढ़ोतरी: हज यात्रियों को मिलने वाले सुरक्षा इंश्योरेंस कवर को ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹6.25 लाख कर दिया गया है।
🤖 1. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस होगा रजिस्ट्रेशन और मैनेजमेंट
नई पॉलिसी का सबसे बड़ा आकर्षण पूरी प्रक्रिया का डिजिटलाइजेशन है, जिसे सुगम बनाने के लिए AI एप्लिकेशन (Artificial Intelligence) का फेज-वाइज इस्तेमाल किया जाएगा:
दस्तावेज़ों का सत्यापन (Verification): आवेदन स्वीकार करने से लेकर डॉक्यूमेंट्स की जांच तक का काम एआई-असिस्टेड सॉफ्टवेयर करेगा, जिससे फ्रॉड की गुंजाइश खत्म होगी और आवेदन प्रक्रिया तेज होगी।
24×7 बहुभाषी हेल्पडेस्क: तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए हिंदी, उर्दू और प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में 24 घंटे काम करने वाला एआई वॉयस-बेस्ड सपोर्ट सिस्टम काम करेगा।
फ्लाइट्स का सटीक आवंटन: किस प्रस्थान बिंदु (Embarkation Point) से कितनी उड़ानों की जरूरत है, इसकी मॉनिटरिंग एआई डिमांड मॉडलिंग के जरिए की जाएगी।
सटीक शिकायत निवारण: तीर्थयात्रियों की समस्याओं या शिकायतों को रीयल-टाइम ट्रैक करने और तुरंत उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने (Escalation) के लिए डिजिटल सिस्टम काम करेगा।
⏱️ 2. 'शॉर्ट ड्यूरेशन हज' (Short Duration Haj) को मिली बड़ी सफलता
समय की बचत: पारंपरिक हज यात्रा में आमतौर पर 40 से 45 दिन का समय लगता है, जिससे नौकरीपेशा लोगों, बिजनेसमैन और कुछ बुजुर्गों को लंबी छुट्टी लेने में दिक्कत होती थी।
20 दिनों का पैकेज: सरकार ने इस बार प्रयोग के तौर पर 'शॉर्ट हज पैकेज' पेश किया, जिसे घटाकर 15 से 20 दिन का कर दिया गया।
जबरदस्त रिस्पांस: इस योजना के तहत रखे गए करीब 10,000 से अधिक स्लॉट का कोटा पूरी तरह सफल रहा और कामकाजी पेशेवरों ने व्यक्तिगत रूप से इस शॉर्ट पैकेज की सराहना की।
मक्का में होटल-स्टाइल कस्टमाइज्ड आवास और मीना में सोफा-कम-बेड जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गईं।
📅 कब जारी होगी 'हज पॉलिसी 2027'?
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के मुताबिक, हज पॉलिसी 2027 का आधिकारिक एलान बहुत जल्द (अगले कुछ दिनों के भीतर) कर दिया गया है।
जल्दी शुरू होंगे आवेदन: पॉलिसी पब्लिक होते ही 'हज कमेटी ऑफ इंडिया' (Haj Committee of India) द्वारा भावी तीर्थयात्रियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
समय से पहले तैयारी: इस बार आवेदन प्रक्रिया को काफी पहले शुरू किया जा रहा है, ताकि उड़ानों, वीजा, टीकाकरण (Vaccination) और सऊदी अरब में आवास के इंतजामों को अंतिम समय की आपाधापी से बचाकर पूरी गरिमा और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा सके।