10/04/2016
1% एक्साइज ड्यूटी खत्म नहीं होनी चाहिए गहनों पर लगनी ही चाहिए एक्साइज ड्यूटी..ये काले व्यपारियो का आन्दोलन है, ये बोल रहे है सोने पर टैक्स बढ़ादो मगर एक्साइज ड्यूटी मत लगाओ, इसको कहते है चोर की दाढ़ी में तिनका,भाई साहब इससे छोटे व्यपारियो को कुछ नुकसान नहीं है, नुकसान तो उन दलालों को है जो बिना बिल के अरबो इधर से उधर करते है, काले को सफेद करते है, छोटा व्यपारी तो जैसा है वैसा ही रहेगा.. UPA सरकार में रिपोर्ट आई थी भारत में हर साल 2 लाख करोड़ का सोना खरीदा जाता है और मात्र 20% सोने की खपत का ही लेखा जोखा मिलता है सरकार को।।बाकी 80% सोने की खपत का कोई लेखा जोखा नहीं है सरकार के पास।। किसके पास है वोह 80% सोना आजतक नहीं पता चला है।। इसका मतलब सोना काले को सफेद करनेका सबसे बड़ा जरिया है।।अगर 1% एक्साइज लग जाएगी तो हर महीने बड़े सोने के व्यपारियो को एक्साइज जमा करनी पड़ेगी जो मामूली है सिर्फ 1% मगर इससे अधिकतर काम ईमानदार हो जाएगा और सरकार को पता चलेगा सोना किधर जा रहा है क्योंकि हर सोने की खरीद पर #बिल अनिवार्य हो जाएगा और कच्चे अर्थात काला कारोबार बन्द हो जाएगा।। असल वजह ये है काला कारोबार बन्द होने की।। और वैसे एक्साइज का हिसाब 12 करोड़ की टर्नओवर से ऊपर वाले को देना पड़ेगा।।।
#अनिल शर्मा।।
#ये लेखक के निजी विचार है ।