29/09/2021
विजय चौधरी
विद्युत वितरण खंड कोटद्वार
आदरणीय ईष्ट भ्रताओ पुनः अपनी अवधारणा साझा करना चाहता हूं।किंतु मैं जिस विचारधारा से जुड़ा हूं।वही विचारधार मुझे मजबूर करती है।मेरे आस–पास के घटनाक्रम को अपने शब्दों में वर्णन करू। मेरी कलम से लिखा। एक–एक शब्द सकारात्मक विचार जुड़ा है।आशा है? सगठन हितैषीयो को आत्मबल मिले। मैं तब भी प्रफुल्लित रहूंगा! जब इस वर्णन से मेरे और संगठन विरोधियों का आत्मबल उनके घुटनों में आ चुका होगा। इस लेख में हास्य रस का भी उपयोग किया है।
एक माह पूर्व ही हमारे आंदोलन ने लक्ष्य प्राप्त कर लिया था।जब हमारी एकता अखंडता हमारे ही विरोधी तत्वों को प्रदर्शित हुईं।उसी दिन हमे पूर्ण लक्ष्य प्राप्ति हो चुकी थी। हमे केन्द्रीय कार्यकाणी के सिद्धहस्त से परिपूर्ण पथ पर अग्रसर होना है। स्वयं को भी अपने नेतृत्व पर भी सर्व विश्वासी बने रहना है। आगामी 6 अक्टूबर 2021 को योजनाबद्ध आन्दोलन में प्रतिभागी होना है। और ऐतिहासिक फैसलो का साक्षी बनना है।
उत्तराखंड विद्युत संविदा कर्मचारी सगठन के इस आंदोलन के विपरीत विचारधाराओ को प्रचारित करता रहा है/था।उन व्यक्तियो की सम्पूर्ण मनोवृत्ति पारदर्शित/ निस्पद्न हो चुकी है। सगठन विरोधी मानसिकता से व्याप्त। संगठन सहायक सदस्यों में हमेशा वृद्धि रही है।आगे भी होती रहेगी।प्रत्येक विद्युत संविदा कर्मचारी को अपने बुद्धि विवेक एवम स्वयं के ही फैसलों से स्वयं का ही भविष्य निर्माण करना है। कोशिश करे महत्वहीन व्यक्तियो से पृथक रहे वर्तमान में विधुत संविदा कर्मचारियों सगठन का नेतृत्वकर्ता केन्द्रीय अध्यक्ष माननीय विनोद कवि जी साथ ही सम्मानित केन्द्रीय कार्यकरिणी सदस्यगण संविदा भाईयों के अधिकार के लिए तन,मन और निष्ठा से वर्षो की मेहनत से तैयार नीतियों /योजनाओं का निर्माण किया है। इस आन्दोलन को सफल बनाने में इस बार अपना–अपना योगदान आवश्यक दे।
वर्तमान मे कुछ महत्वहीन व्याकुल व्यक्तियो द्वारा विभाग को आत्मसमर्पण पत्र प्रबन्धन को सौपा गया। इन बुद्धिहीनो के साथ सम्मलित झुंड। माफ करे।अज्ञानता को देखते हुए झुंड की संज्ञा प्रदान करनी पड़ी है। इसलिए कि प्रबंधक के साथ छायाचित्र लेने मात्र से ही सफलता प्राप्त हो तो। उत्तराखंड प्रदेश में अनगिनत सगठनों का निर्माण न होता। कृतज्ञ हूं ईश्वर का। भारत की आजादी के समय इन्हीं महान क्रांतिकारीयो विचारधाराओ का जन्म नही हुआ। जो छायाचित्र लेने मात्र को? अपनी सफलता समझते/दर्शाते है।और हमारे विरोधी बनने का सौभाग्य इन्हे प्राप्त नही होता?। मुख्य रूप से विधुत कर्मचारी/अधिकारी/ संविदा/ स्वयं सहायता समूहो को आंदोलनरत नही होना पड़ता? कुछ धूर्त यह सब पढ़कर भी। छायाचित्र चरण को सफलता की कुंजी मन बैठेगें। झुंड है ना मंजबूर है?
जो भी सफलता हमरे इस आंदोलन से प्राप्त होगी। मुझे आशा है? यह महत्वहीन झुंड पुनः लिखित पत्र देकर प्रबन्धन/विभाग से उस हित का उपभोग नही करेंगे/लेगा। किंतु यह ऐसा भी नहीं करेगे। हित लेना भी है। और विरोधी विचारधारा भी रखनी है। आप सभी इस विषय पे अपनी राय दे।? अंधभक्तओ की बुद्धि ग्रहणशक्ति भी क्षीण हो चुकी है। सभी को वर्तमान? भूत? भविष्य काल के स्वप्न दोष से जागाना पड़ेगा और निर्मल जल से इनका शुद्धिकरण करना होगा।
अब मैं?इन बुद्धिहीन तृप्त व्यक्तियो पर प्रश्नचिन्ह लगता हूं।? यह साफ प्रदर्शित हैं। यह संघातिक कदम हमारे भविष्य सुदृढता के विरोध में उठा रहे है ?
प्रश्न– विद्युत कर्मचारियों हितों/अधिकारियों/विद्युत संविदा विद्युत सगठनों हित आंदोलन है।अपने भविष्य के लिए! लेकिन इन अर्थहीनो का इस तरह से विरोध करने की वजह?
वास्तविकता– यह मैं सुनिश्चित कर सकता हूं। कि? है यह घटक कभी आन्दोलनरत नही हो सकता। पूर्व में भी यह प्रमाणित हो चुका है। *फिर यह घटक भविष्य में अपने अधिकारों की भिक्षा कहा से प्राप्त कर सकता है/करेगा।? प्रमाणित मुखालिफ।
यह सिर्फ हमारे कुशल कर्मठ व संगठन हितैषी केन्द्रीय नेतृत्व साथ संविदा कर्मचारियों से सम्बन्धित सुरक्षित नीतियो भविष्य को प्रभावित करने का उद्देश्य है।आप सभी स्वयं विचार–विर्मश करे ये किस के समर्थक है।? विद्युत स्थाई कर्मचारियों अधिकारियों के या फिर सिर्फ विद्युत संविदा कर्मचारियो के?इस आन्दोलन से दोनो पक्ष संघर्षील है और दोनो ही पक्षों का इस आंदोलन कुछ हित होना भी निश्चित है। सिर्फ बहती गंगा मे महले कुचेले हाथ धोने वाली धारणा है।मेरा केंद्रीय कार्यकरणी से विनम्र निवेदन है। इसी हड़ताल के पश्चात संगठन की विचारधार के विपरीत कार्यरत स्वार्थी मुर्गनचंदो की सूची घोषित कर कठोर कार्यवाही की जाए। साथ संगठन से मिलने वाले लाभअंशो से वंचित भी रखा जाय।
कोटद्वार खण्ड की वर्तमान कार्यकरणी के बिना कोटद्वार खंड का प्रत्येक सदस्य एवम् पूर्व खंड कार्यकारिणी सदस्य ढाल बनकर इस आंदोलन में खड़ा रहेगें। इस दल से ही एक अस्थाई पदाधिकारी खंड कोटद्वार सदस्यो का नेतृत्व संभालेगा। आन्दोलन सफलता के उपरान्त प्रतिभागी दल से ही खंड कोटद्वार की नवीन कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। शीघ्र ही कर्मठ,संघर्षशील विचारधाराओ से सुस्जित सदस्यो को संगठित किया जाएगा। संगठन विरोधी विचारधारा से सिर्फ विचारधारा से पृथक होंगे। किंतु अपनी नैतिकता विद्यमान रखे। नवीन कार्यकरणी का उद्देश्य सुरक्षित भविष्य का निर्माण करना व तथ्य और लक्ष्य की विचारधार को महत्व दिया जाएगा। हम सभी उत्तराखंड विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन संख्या–214 के सदस्य है।और रहेंगे।
खंड कोटद्वार
पूर्व कार्यकारिणी & समस्त सदस्य
एकता। दृढ़ता। संघर्ष। सफलता।