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क़ौआ एकमात्र पक्षी हैं जो बाज़ पर चोंच मारने की हिम्मत करता है, वह बाज़ की पीठ पर बैठता है और उसकी गर्दन पर काटता है, ले...
20/08/2020

क़ौआ एकमात्र पक्षी हैं जो बाज़ पर चोंच मारने की हिम्मत करता है, वह बाज़ की पीठ पर बैठता है और उसकी गर्दन पर काटता है, लेकिन बाज़ जवाब नहीं देता है, और न ही कौवा से लड़ता है और न ही कौवा पर समय बर्बाद करता है वह बस अपने पंख खोलता है और आसमान में ऊंचा उठना शुरू कर देता है, उड़ान जितनी ऊंची होती है, उतना ही मुश्किल होता है ऊपर साँस लेना और फिर ऑक्सीजन की कमी के कारण कौआ गिर जाता हैं ! कौवे के साथ अपना समय बर्बाद करना बंद करो, बस आप ख़ुद ऊंचाइयों पर चले जाओं और वे ऐसे ही मिट जाएंगे !!
#शिखर पर मिलेंगे #

अखिल भारतवर्षीय श्री गुर्जरगौड़ ब्राह्मण महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश जी जोशी को जन्मदिवस की हार्दिक ...
09/05/2020

अखिल भारतवर्षीय श्री गुर्जरगौड़ ब्राह्मण महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश जी जोशी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और सादर प्रणाम । युवक संघ जोधपुर संभाग आपके स्वस्थ ओर दीर्घायु जीवन की कामना करता है और आशा करते है कि समाज को आपका मार्गदर्शन सदैव मिलता रहेगा ।
।।जय महर्षि गौतम ।।

 #घास_का_तिनका #रामायण_में एक घास के तिनके का भी रहस्य है, जो हर किसी को नहीं मालूम क्योंकि आज तक हमने हमारे ग्रंथो को स...
10/04/2020

#घास_का_तिनका
#रामायण_में एक घास के तिनके का भी रहस्य है, जो हर किसी को नहीं मालूम क्योंकि आज तक हमने हमारे ग्रंथो को
सिर्फ पढ़ा, समझने की कोशिश नहीं की।
रावण ने जब माँ सीता जी का हरण करके लंका ले गया तब लंका मे सीता जी वट वृक्ष के नीचे बैठ कर चिंतन करने लगी। रावण बार बार आकर माँ सीता जी को धमकाता था, लेकिन माँ सीता जी कुछ नहीं बोलती थी। यहाँ तक की रावण ने श्री राम जी के वेश भूषा मे आकर माँ सीता जी को
भ्रमित करने की भी कोशिश की लेकिन फिर भी सफल नहीं हुआ,
रावण थक हार कर जब अपने शयन कक्ष मे गया तो मंदोदरी ने उससे कहा आप तो राम का वेश धर कर गये थे, फिर क्या हुआ?
रावण बोला- जब मैं राम का रूप लेकर सीता के समक्ष गया तो सीता मुझे नजर ही नहीं आ रही थी ।
रावण अपनी समस्त ताकत लगा चुका था लेकिन जिस जगत जननी माँ को आज तक कोई नहीं समझ सका, उन्हें रावण भी कैसे समझ पाता !
रावण एक बार फिर आया और बोला मैं तुमसे सीधे सीधे संवाद करता हूँ लेकिन तुम कैसी नारी हो कि मेरे आते ही घास का तिनका उठाकर उसे ही घूर-घूर कर देखने लगती हो,
क्या घास का तिनका तुम्हें राम से भी ज्यादा प्यारा है?
रावण के इस प्रश्न को सुनकर माँ सीता जी बिलकुल चुप हो गयी और उनकी आँखों से आसुओं की धार बह पड़ी।
इसकी सबसे बड़ी वजह थी कि
जब श्री राम जी का विवाह माँ सीता जी के साथ हुआ,तब सीता जी का बड़े आदर सत्कार के साथ गृह प्रवेश भी हुआ। बहुत उत्सव मनाया गया। *प्रथानुसार नव वधू विवाह पश्चात जब ससुराल आती है तो उसके हाथ से कुछ मीठा पकवान बनवाया जाता है, ताकि जीवन भर घर में मिठास बनी रहे।*
इसलिए माँ सीता जी ने उस दिन अपने हाथों से घर पर खीर बनाई और समस्त परिवार, राजा दशरथ एवं तीनों रानियों सहित चारों भाईयों और ऋषि संत भी भोजन पर आमंत्रित थे।
माँ सीता ने सभी को खीर परोसना शुरू किया, और भोजन शुरू होने ही वाला था की ज़ोर से एक हवा का झोका आया। सभी ने अपनी अपनी पत्तलें सम्भाली,सीता जी बड़े गौर से सब देख रही थी।
ठीक उसी समय राजा दशरथ जी की खीर पर एक छोटा सा घास का तिनका गिर गया, जिसे माँ सीता जी ने देख लिया। लेकिन अब खीर मे हाथ कैसे डालें? ये प्रश्न आ गया। माँ सीता जी ने दूर से ही उस तिनके को घूर कर देखा वो जल कर राख की एक छोटी सी बिंदु बनकर रह गया। सीता जी ने सोचा 'अच्छा हुआ किसी ने नहीं देखा'।
लेकिन राजा दशरथ माँ सीता जी
के इस चमत्कार को देख रहे थे। फिर भी दशरथ जी चुप रहे और अपने कक्ष पहुचकर माँ सीता जी को बुलवाया ।
फिर उन्होंने सीताजी से कहा कि मैंने आज भोजन के समय आप के चमत्कार को देख लिया था ।
आप साक्षात जगत जननी स्वरूपा हैं, लेकिन एक बात आप मेरी जरूर याद रखना।
आपने जिस नजर से आज उस तिनके को देखा था उस नजर से आप अपने शत्रु को भी कभी मत देखना।
इसीलिए माँ सीता जी के सामने जब भी रावण आता था तो वो उस घास के तिनके को उठाकर राजा दशरथ जी की बात याद कर लेती थी।
*तृण धर ओट कहत वैदेही*
*सुमिरि अवधपति परम् सनेही*

*यही है उस तिनके का रहस्य* !
इसलिये माता सीता जी चाहती तो रावण को उस जगह पर ही राख़ कर
सकती थी, लेकिन राजा दशरथ जी को दिये वचन एवं भगवान श्रीराम को रावण-वध का श्रेय दिलाने हेतु वो शांत रही !
ऐसी विशालहृदया थीं हमारी जानकी माता !
जय हो प्रभु श्री राम जी की

05/04/2020
इतिहास याद रखेगाइस दिन कोजब पूरा संसार डगमगा रहा थातबहिंदुस्तान जगमगा रहा था
05/04/2020

इतिहास याद रखेगा
इस दिन को
जब पूरा संसार
डगमगा रहा था
तब
हिंदुस्तान जगमगा रहा था

गुर्जरगौड़ ब्राह्मण समाज के समाजसेवी धरणी धर तिवारी के भानेज डॉ. जुबीन पंचारिया पुत्र स्व.चंद्र शेखर जी पंचारिया ( जोधपुर...
04/04/2020

गुर्जरगौड़ ब्राह्मण समाज के समाजसेवी धरणी धर तिवारी के भानेज डॉ. जुबीन पंचारिया पुत्र स्व.चंद्र शेखर जी पंचारिया ( जोधपुर ) ने 21 मार्च से कोरोना संदिग्धों के इलाज के लिए लगाए गए कवारेंटिंन सेंटर करवड़ पर 14 दिन की महत्वपूर्ण सेवाओं के बाद रेस्ट दिया गया। डॉ पंचारिया और नर्सिंग कर्मी को 14 दिन के लिए कवारेंटिंन पर भेजते हुए सीएमएचओ ने कहा कि इस भयावह माहौल में दोनों ने निडर होकर कर्तव्य परायणता निभाई।
डॉ जुबीन की नानी जी का 18 मार्च को उदयपुर में देवलोकगमन हो गया था। अन्तिम संस्कार के बाद उठावने से पूर्व ही उनको कॉल आ गया और वह सभी काम छोड़ कर जोधपुर पहुंचे एवं ड्यूटी शुरू की।

गुर्जरगौड़ ब्राह्मण युवक संघ जोधपुर संभाग , समाज के होनहार डॉक्टर द्वारा देश सेवा के इस ज्जबे की सराहना करता है और आशा करते हैं कि मानवता को बचाने के इस पुनीत कार्य में निरन्तर अग्रसर रहते हुए अपने जनक और समाज को गौरवानवित करते रहेंगे ।

सदभावी
बजरंग जोशी , मानेवड़ा
संभाग अध्यक्ष
गुर्जरगौड़ ब्राह्मण युवक संघ
जोधपुर संभाग
9314132121
9214132121

30/03/2020

आदरणीय समाज बंधुओं
सादर जय महर्षि गौतम
बंधुओं कोरोना महामारी के कारण पूरे भारत में लॉक डाउन हैं। ऐसी स्थिति में हम सभी का कर्तव्य बनता हैं कि हमारा कोई बंधु किसी भी प्रकार की परेशानी में हैं तो उसकी मदद की जाय।
मैं सभी प्रांतीय एंव जिला सभाओं के अध्यक्ष गणों से निवेदन करता हूँ कि आप पूरे भारत में प्रत्येक उस बंधु तक समाचार पहुंचाए जो इस समय परेशानी में हैं कि महासभा आपके साथ खड़ी हैं।
अगर किसी बंधु को आर्थिक , चिकित्सकीय या प्रशासकीय सहयोग की जरूरत है तो महासभा के निम्न लिखित पदाधिकारियों को उनके मोबाइल नंबर पर अपनी समस्या के बारे में जानकारी दे दें ताकि यथा संभव सहयोग या मदद की जा सके। अगर किसी पदाधिकारी को भी ऐसे कोई परेशान परिवार के बारे में जानकारी हो तो भी तुरंत जानकारी दें।
1 जयकिशन पंचारिया 9414474844
2 महेश कुमार जाजड़ा 9829024534
3 प्रधुम्न जोशी 9001399968
4 सूरज प्रकाश जाजड़ा 9784559434
5 राजकमल पंचारिया 9001048081

सत्य प्रकाश जोशी
राष्ट्रीय अध्यक्ष
अ. भा. गु. ब्रा महासभा

27/02/2020

श्री गुर्जर गौड़ ब्राह्मण युवक संघ जोधपुर की ओर से विनम्र निवेदन कि ब्राह्मण समाज में प्री-वेडिंग और कोरियोग्राफी पर बंदिश लगे जो ऐसा नही करता है उसकी शादी में शामील न हो

अत्यंत गर्व और अभिमान महसूस हो रहा है ये बताने में कई ALL RAJASTHN JAIN SANGH (PALI JALOR SIROHI) जिसने शादी में प्री-वेडिंग और कोरियोग्राफी पर पूर्ण रूप से बंदिश लगा दी है । यह नियम 01/01/2020से लागु किया गया है ।
अब जानिए यह बंदिश लाने की वजह..

प्री वेडींग वास्तव में समाज के अंदर एक नया प्रदूषण हैं

अवश्य पढें - अन्यथा आप भी तैयार रहें अपने जीवन को दुःखी करने के लिए!!

फिर पछतावत होत क्या जब चिड़ियां चुग जाये खेत -

प्री वेडिंग - यानी भारतीय संस्कृति के संपन्न घरेलु परिवारो में पश्चिमी संस्कृति का आगमन -

सम्माननीय बंधुवर

पिछले 1 - 2 वर्षो से देश में भारतीय संस्कृति से होने वाले विवाह समारोह में एक नया प्रचलन सामने आया हैं!!

जिसको वर्तमान में बडे परिवारो द्वारा आयोजित किया जा रहा हैं!!

जो समाज के अंदर रीढ़ कि हड़्ड़ी कहें जाते हैं!!

उस प्रोग्राम का नाम हैं - प्री वेडिंग -

इसके तहत होने वाले दूल्हा - दुल्हन अपने परिवारजनों की सहमति से

शादी से पुर्व फ़ोटो ग्राफर के एक समूह को अपने साथ में लेकर

देश के अलग - अलग सैर सपाटो की जगह ,बड़ी होटलो,हेरिटेज बिल्डिंगों,समुन्द्री बीच व अन्य ऐसी जगहों पर जहाँ सामान्यतः पति पत्नी शादी के बाद हनीमून मनाने जाते हैं

वहां जाकर अलग - अलग और कम से कम परिधानों में एक दूसरे की बाहो में समाते हुए

वीडियो शूटिंग करवाते हैं!

और फिर उसी वीडियो फ़ोटो ग्राफी को शादी के दिन एक बड़ी सी स्क्रीन लगाकर!!

जहाँ लड़की और लड़के के परिवार से जुड़े तमाम रिश्तेदार मौजूद होंते हैं!!

की उपस्थिति में सार्वजनिक रूप से उस कपल को वह सब करते हुए दिखाया जाता हैं!!

जिनकी अभी शादी भी नहीं हुई हैं!!

और जिनको जीवन साथी बनने के साक्षी बनाने और उन्हें आशीर्वाद देने के लिये ही सगे संबंधियो और सामाजिक लोगो को वहा बुलाया जाता हैं!!

लेकिन यह क्या गेट के अंदर घुसते ही जो देखने को मिलता हैं!!

वह शर्मसार करने वाला होता हैं!!

जिस भावी कपल को हम वहा आशीर्वाद देने पहुँचते हैं!!

वह कपल वहां पहले से ही एक दूसरे की बाहो में झूल रहे होंते हैं!!

और सबसे बड़ी बात यह हैं की यह सब दोनों परिवारो की सहमति से होता हैं!!

इन सब सच्चाई को देखकर एक विचार मन में आता है!!

जब सब कुछ हो चुका हैं तो आखिर हमें यहाँ क्यों बुलाया गया हैं!!

यह शुरुआत अभी उन घरानो से हो रही हैं!!
ऐसे बड़े परिवारों के ऐसी शादियों को जो अपने पैसो के बल पर इस प्रकार की गलत प्रवर्तियो को बढ़ावा देकर समाज के छोटे तबके के परिवारो को संकट में डाल रहे हैं!!

मेरा समाज के उन सभी सभ्रांतजनो से अनुरोध हैं कि - अपने- अपने समाज में ऐसी पश्चिमी संस्कृति को बढ़ावा देने वाले परिवारो से ऐसी प्रवृत्ति को बंद करने का अनुरोध करें!!

अन्यथा ऐसी शादियों का सामाजिक रूप से खुलेआम बहिष्कार करें!!

तब ही ऐसे गंदे प्रवर्तियो पर रोक लगना संभव हो सकेगा!!

अन्यथा ऐसी संस्कृति से आगे चलकर समाज का इतना बड़ा नुकसान होंगा जिसकी भरपाई कई पीढ़ियों तक करना संभव नहीं हो सकेंगा!!

और कुछ परिवारों की वजह से शादी जैसे पवित्र बंधन पर शादी से पूर्व ही एक बदनुमा दाग लगेगा!!

जिसका खामियाजा समाज के छोटे तबके को भुगतना पड़ेंगा!!

जिसकी परिणीति में शादी से पूर्व सम्बन्ध टूटना या शादी के बाद तलाक की संख्या में वृद्धि के रूप में होंगी!!

जरूर सोचे एवं विचार करें की आप और हम इतने गंदे काम का समर्थन क्योंकर रहे हैं?

सुनने में आ रहा हैं कि कोरियोग्राफर के साथ मुम्बई के बहुत ही अच्छे घरानों की तीन शादी - शुदा 👩🏻औरतें भाग चुकी हैं!!

इसलिए बंद करों यह महिला संगीत और 💃🏻नाच - गानें!!

महिने दो महिने तक बंद कमरे में एक्शन सिखाने के बहाने कमर में हाथ डालकर नचाते हैं आपकी बहू - बेटीयों के साथ ... आखिर क्या हांसिल होता हैं... शादी ब्याह में स्टेज पर कुछ ठुमके लगाने से... क्या वे नृत्य की राष्ट्रीय ऊचाइयों के आसपास भी होती हैं... फिर क्यों परिवार के लोग नृत्य के नाम पर कोरियोग्राफर की मदद लेकर अपने घर की इज्ज़त दांव पर लगाने में फक्र अनुभव कर रहें हैं...

वैसे शालीनता पूर्ण पारंपरिक नृत्य भी परफोर्मिंग होता तो भी सुन्दर होता हैं... ये अपना नाम बदल कर आने वाले कोरियोग्राफर , और उसके दोस्त???

*क्या उचित हैं ये नाच - गाने और कोरियोग्राफर रखना , क्या पैसा इसीलिए कमाया था.. कौन और कितने समय याद रखता हैं कोई इन.. लटके झटकों को.. ?*
🌹👍🌹👍🌹

सभी के लिए अनुकरणीय है ।

🙏🙏🙏🙏🙏

26/02/2020

*शयन के नियम

1. *सूने तथा निर्जन* घर में अकेला नहीं सोना चाहिए। *देव मन्दिर* और *श्मशान* में भी नहीं सोना चाहिए। *(मनुस्मृति)*

2. किसी सोए हुए मनुष्य को *अचानक* नहीं जगाना चाहिए। *(विष्णुस्मृति)*

3. *विद्यार्थी, नौकर औऱ द्वारपाल*, यदि ये अधिक समय से सोए हुए हों, तो *इन्हें जगा* देना चाहिए। *(चाणक्यनीति)*

4. स्वस्थ मनुष्य को आयुरक्षा हेतु *ब्रह्ममुहुर्त* में उठना चाहिए। *(देवीभागवत)* बिल्कुल *अँधेरे* कमरे में नहीं सोना चाहिए। *(पद्मपुराण)*

5. *भीगे* पैर नहीं सोना चाहिए। *सूखे पैर* सोने से लक्ष्मी (धन) की प्राप्ति होती है। *(अत्रिस्मृति)* टूटी खाट पर तथा *जूठे मुँह* सोना वर्जित है। *(महाभारत)*

6. *”नग्न होकर/निर्वस्त्र”* नहीं सोना चाहिए। *(गौतम धर्म सूत्र)*

7. पूर्व की ओर सिर करके सोने से *विद्या*, पश्चिम की ओर सिर करके सोने से *प्रबल चिन्ता*, उत्तर की ओर सिर करके सोने से *हानि व मृत्यु* तथा दक्षिण की ओर सिर करके सोने से *धन व आयु* की प्राप्ति होती है। *(आचारमय़ूख)*

8. दिन में कभी नहीं सोना चाहिए। परन्तु *ज्येष्ठ मास* में दोपहर के समय 1 मुहूर्त (48 मिनट) के लिए सोया जा सकता है। (दिन में सोने से रोग घेरते हैं तथा आयु का क्षरण होता है)

9. दिन में तथा *सूर्योदय एवं सूर्यास्त* के समय सोने वाला रोगी और दरिद्र हो जाता है। *(ब्रह्मवैवर्तपुराण)*

10. सूर्यास्त के एक प्रहर (लगभग 3 घण्टे) के बाद ही *शयन* करना चाहिए।

11. बायीं करवट सोना *स्वास्थ्य* के लिये हितकर है।

12. दक्षिण दिशा में *पाँव करके कभी नहीं सोना चाहिए। यम और दुष्ट देवों* का निवास रहता है। कान में हवा भरती है। *मस्तिष्क* में रक्त का संचार कम को जाता है, स्मृति- भ्रंश, मौत व असंख्य बीमारियाँ होती है।

13. हृदय पर हाथ रखकर, छत के *पाट या बीम* के नीचे और पाँव पर पाँव चढ़ाकर निद्रा न लें।

14. शय्या पर बैठकर *खाना-पीना* अशुभ है।

15. सोते सोते *पढ़ना* नहीं चाहिए। *(ऐसा करने से नेत्र ज्योति घटती है )*

16. ललाट पर *तिलक* लगाकर सोना *अशुभ* है। इसलिये सोते समय तिलक हटा दें।

*इन १६ नियमों का अनुकरण करने वाला यशस्वी, निरोग और दीर्घायु हो जाता है।*

नोट :- यह सन्देश जन जन तक पहुँचाने का प्रयास करें। ताकि सभी लाभान्वित हों
साभार
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