27/07/2026
जिस तरह से सीजेपी का दिल्ली में प्रदर्शन हुआ, वह वाकई काबिले-तारीफ़ है। जिस-जिस तरह के संवाद हुए, वे तो चमत्कारिक थे। ऐसा लगा जैसे सारे भारतवर्ष की प्रतिभाएँ वहीं जाकर सिमट गई हैं। 5 साल के बच्चे से लेकर 75 साल के बुज़ुर्ग, युवा नेता और नेत्रियों ने जो संवाद स्थापित किया, उसे देखकर तो वाकई में जेन-ज़ी की परिभाषा चरितार्थ हो गई।
पर जब इन लोगों के कृत्य देखे जाएँ, तो इनसे शर्म नहीं आएगी, इनसे घिन आएगी। इन लोगों के नंगे नाच के आगे नीट स्टूडेंट कहीं खो गए।
सरकार को गाली देना, प्रधानमंत्री की माँ-बहन करना, भारतीय सेना को माँ-बहन की गालियाँ देना, ब्राह्मणवाद, हिंदू धर्म को गालियाँ देना, और ऐसी-ऐसी गालियाँ जो यहाँ लिखी नहीं जा सकतीं, लड़कियों द्वारा तख्तियों पर जो लिखकर प्रदर्शित किया गया, वह वाकई में न केवल शर्मनाक है, बल्कि हमें सोचने पर मजबूर करता है कि क्या ऐसी सोच के लोग भी इस देश में हैं।
यह शायद इसलिए भी किया गया कि लोग इनके सरजील इमाम और उमर खालिद को समर्थन करने वाली घटनाएँ भूल जाएँ।
देश को गुमराह करने के लिए हर विपक्षी पार्टी का नेता वहाँ पहुँचा और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा माँगा, पर वहीं जहाँ पंजाब में और कर्नाटक में पेपर लीक हुए, उसके लिए शायद इन आतंकवादी प्रदर्शनकारियों के मुँह में दही जम गया, क्योंकि फंडिंग तो वही पार्टियाँ कर रही थीं, विदेशी ताकतों से पैसा लेकर।
यह उस ख़तरे की घंटी है, जहाँ आगे चलकर अपनी किसी भी अनुचित माँग को मनवाने के लिए यह पूरी टोली वहाँ पहुँचेगी, फिर से नंगा नाच करने।
सरकार को चाहिए, एक-एक, मतलब एक-एक ऐसे तथाकथित लोगों को चिन्हित करे जिन्होंने पुलिस को मारा और ऊपर लिखी हरकतें कीं, तभी कुछ हो सकता है, वरना अब इस देश का भगवान मालिक है।
मेरी इस पोस्ट पर कमेंट ज़रूर आएँगे कि पुलिस ने मारा, तो ऐसे लोगों के लिए एक ही शब्द है, शुरुआत कहाँ से हुई, यह पूरे देश ने देखा है। और ध्यान रहे, इसका हिसाब तो होगा। असली जेन-ज़ी अभी शांत है, उसे उकसाने का काम मत करो, वह जिस आवाज़ उठाएगा, आपके जैसे लोगों की पैंट घर बैठे गीली कर देगा।
एक महत्वपूर्ण बात, आज बीजेपी की सरकार अधिकांश राज्यों में इसलिए है, क्योंकि इस पार्टी ने देश के कोने-कोने में बैठकर जनता से संवाद किया है। दूसरी पार्टियों ने सिर्फ ईवीएम को दोष दिया है।
मैं मध्य प्रदेश का रहने वाला हूँ। 1996 से लेकर बीजेपी के शासन में आने से पहले तक मध्य प्रदेश की सड़कों के हाल, शिक्षा के हाल, चिकित्सा के हाल देखे हैं, और बीजेपी के आने के बाद आज हो रहे विकास कार्य भी।
पर ऐसा नहीं है कि मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार नहीं है, बल्कि पर्याप्त है। ऐसे नेताओं को भी चिन्हित किया जाना चाहिए जो आज भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। जब 75 साल पुरानी कांग्रेस लुप्त होती जा रही है, तो बीजेपी को तो अभी सिर्फ 15 साल हुए हैं। विकास कराइए, पर भ्रष्टाचार रहित।
जय हिंद।
जय श्री राम।