01/01/2026
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*सभी माईभक्तों से विनम्र अनुरोध करते हुएं...पावागढ़ शक्तिपीठ से श्री कालिका माताजी के नित्य दर्शन एवं पवित्र पावागढ़ परिक्रमा से जुड़ी हुई सभी माहिती जानने के लिए उपर दी गई लिंक को फोलो करके हमारे पावागढ़ परिक्रमा वोटसएप ग्रूप में जुड़े। और हर वर्ष पावागढ़ पर्वत की नि:शुल्क परिक्रमा यात्रा में जरूर पधारे। आभार।*
*सौजन्य : पवित्र पावागढ़ परिक्रमा सेवा समिति*
Follow Pavagadh Parikrama's WhatsApp Channel. पावागढ़ परिक्रमा – परंपरा, तप, आस्था और पुनर्जागरण के 10 वर्ष
भारत की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं में परिक्रमा का विशेष स्थान रहा है। इतिहास के पन्नों से और महर्षि विश्वामित्र की तपोभूमि से प्रेरित होकर पावागढ़ की परिक्रमा एक समय अत्यंत प्रचलित थी। किंतु कालांतर में विदेशी आक्रांताओं के आक्रमणों और समय की मार के कारण यह महान परंपरा लगभग विलुप्त हो गई थी।
ऐसी लुप्त होती परंपरा को पुनर्जीवित करने का पवित्र संकल्प लेकर पावागढ़ परिक्रमा समिति ने संत-महंतों, धर्माचार्यों एवं प्राचीन ग्रंथों से मार्गदर्शन प्राप्त कर इस परिक्रमा को पुनः जन-जन तक पहुँचाने का कार्य आरंभ किया। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि पिछले 10 वर्षों में पावागढ़ परिक्रमा जागृति अभियान के माध्यम से लगभग 2,00,000 से अधिक घरों तक इस पवित्र परंपरा का संदेश पहुँचाने का प्रयास सफलतापूर्वक किया गया है।
पावागढ़ परिक्रमा गुजरात की सबसे लंबी परिक्रमा है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 44 किलोमीटर है। इस पवित्र मार्ग में
3.5 सिद्ध स्थल,
5 प्राचीन शिवालय,
तथा 2 भैरव जी के शक्तिपीठ सम्मिलित हैं।
ऐसी मान्यता है कि इस परिक्रमा को पूर्ण श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है, जो इसके आध्यात्मिक महत्व को दर्शाता है।
विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि पावागढ़ पर्वत का स्वरूप आकाश से देखने पर श्रीयंत्र के आकार में दिखाई देता है, जो इसे देवी साधना और शक्ति उपासना का अद्वितीय केंद्र सिद्ध करता है। यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, साधना और सनातन संस्कृति से जुड़ने का माध्यम है।
पावागढ़ परिक्रमा के 10 वर्ष पूर्ण होना हम सभी के लिए एक ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षण है। इस पुण्य कार्य में सहभागी बने सभी श्रद्धालुओं, सेवाभावी कार्यकर्ताओं, संत-महंतों, प्रशासन तथा प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले प्रत्येक व्यक्ति के प्रति मैं हृदय से कृतज्ञता प्रकट करता हूँ।
आइए, हम सब मिलकर इस दिव्य परंपरा को और अधिक सशक्त करें, आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाएँ और पावागढ़ की आध्यात्मिक चेतना को जन-जन में जागृत करें।
माँ महाकाली की कृपा से पावागढ़ परिक्रमा निरंतर फलती-फूलती रहे, यही शुभकामना।
– डॉ. पराग पंड्या
अध्यक्ष
पवित्र पावागढ़ परिक्रमा सेवा समिति
संपर्क : 97123 37017. Join 280 followers for the latest updates.