28/03/2026
डूबते सूरज ने आज फिर एक कहानी कह दी,
दिन भर की भाग-दौड़ के बाद ख़ामोशी सह ली।
आसमान पर लाल रंगों की चादर सी बिछ गई,
जैसे किसी ने यादों की तस्वीरें सजा दी।
कभी रोशनी बनकर हर रास्ता दिखाता है,
तो कभी शाम बनकर तन्हाई सिखाता है।
डूबता है हर रोज़ मगर हारता नहीं,
कल फिर नई उम्मीद लेकर लौट आता है।
ज़िंदगी भी कुछ डूबते सूरज जैसी ही है,
कभी चमकती है, कभी थककर ढल जाती है।
पर जो हौसला रखे हर अंधेरे के बाद,
उसकी सुबह फिर से रोशनी बन जाती है। 🌅✨