21/08/2026
जैसे अमेज़न के जंगलों में पेड़ों के बीज कोई बोने नहीं आता, वे खुद गिरते हैं और अपने दम पर उगते हैं।
वैसे ही ज़िंदगी भी हमें हमेशा सहारा देकर नहीं बढ़ाती। कई बार हमें अकेला छोड़ दिया जाता है—खुद सीखने, खुद संभलने और खुद आगे बढ़ने के लिए।
अगर सच में कुछ बनना है, तो खुद से उगना सीखो।
मिट्टी कैसी भी हो, हालात जैसे भी हों—उगना है तो उग जाओ। 🌱