06/10/2025
सुप्रीम कोर्ट का आदेश (IA No. 281109/2024) सरल भाषा में:
1. पहले 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने यह छूट दी थी कि जो कमर्शियल गाड़ियाँ जरूरी सामान (जैसे सब्ज़ी, फल, दूध, अनाज, अंडा, आइस, पोल्ट्री सामान, नमक और खाली/आधा भरी ट्रक) ले जाती हैं, उन पर ECC (Environment Compensation Cess / पर्यावरण मुआवजा शुल्क) नहीं लगेगा।
2. अब MCD (Municipal Corporation of Delhi) ने कोर्ट में अर्ज़ी दी कि यह छूट हटा दी जाए।
• वजह यह बताई गई कि यह चेक करना बहुत मुश्किल है कि गाड़ी में वास्तव में जरूरी सामान है या कुछ और।
• इसके लिए हर गाड़ी को रोकना पड़ता है और चेकिंग में लंबा समय लगता है।
• गाड़ियाँ ज़्यादा देर तक खड़ी रहती हैं जिससे धुआँ और प्रदूषण बढ़ता है।
3. सुप्रीम कोर्ट ने माना कि MCD की यह समस्या सही है।
• बाहर से देखकर यह पहचानना असंभव है कि गाड़ी में क्या सामान है।
• इसलिए हर गाड़ी को रोकना और चेक करना पड़ता है, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण दोनों बढ़ते हैं।
4. कोर्ट ने कहा कि जो शुल्क (ECC) लगाया गया है, वह इतना बड़ा नहीं है कि आम जनता को जरूरी सामान की कीमत बहुत ज़्यादा चुकानी पड़े।
5. इसीलिए सुप्रीम कोर्ट ने MCD की मांग स्वीकार कर ली और आदेश दिया कि अब कोई भी गाड़ी (चाहे जरूरी सामान ही क्यों न ले जा रही हो) छूट के दायरे में नहीं आएगी, सभी को ECC देना होगा।
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👉 मतलब यह हुआ कि अब सब्ज़ी, फल, दूध, अनाज, अंडा, पोल्ट्री, आइस, नमक या खाली गाड़ियाँ भी दिल्ली में एंट्री करते समय ECC (पर्यावरण शुल्क) से छूट नहीं पाएंगी।