Bhairoganj

Bhairoganj Bhairoganj 95KM before Gorakhpur Airport/GOP -via- Harinagar, Bettiah, Motihari. Bhairoganj Station Code - BRU, Pin - 845106
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29/04/2020

कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर लाॅकडाउन के कारण दूसरे राज्यों में फंसे हुए प्रवासी मजदूरों छात्र-छात्राओं, श्रद्धालुओं, पर्यटकों एवं अन्य लोगों के आवागमन को लेकर केन्द्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में दी गई छूट के निर्णय पर केन्द्र सरकार को धन्यवाद। ये निर्णय उपयुक्त एवं स्वागतयोग्य है। यह हमलोगों का आग्रह था और उस पर केन्द्र सरकार ने सकारात्मक निर्णय लिया है। इससे बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों में फंसे हुए बिहार आने को इच्छुक प्रवासी मजदूरों, छात्र-छात्राओं, श्रद्धालुओं, पर्यटकों तथा अन्य लोगों को यहां आने में सुविधा होगी और उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
केन्द्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देश का अनुपालन जनहित में है और सबको इसका पालन करना चाहिए। बिहार सरकार ने इस मामले में केन्द्र सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम के अन्तर्गत जारी दिशा-निर्देशों का हमेशा अनुपालन किया है। - Nitish Kumar

 नई टीचरलड़कियों के स्कूल में आने वाली नई टीचर बेहद खूबसूरत और शैक्षणिक तौर पर भी मजबूत थी लेकिन उसने अभी तक शादी नहीं क...
24/02/2020


नई टीचर

लड़कियों के स्कूल में आने वाली नई टीचर बेहद खूबसूरत और शैक्षणिक तौर पर भी मजबूत थी लेकिन उसने अभी तक शादी नहीं की थी...
सब लड़कियां उसके इर्द-गिर्द जमा हो गईं और मज़ाक करने लगी कि मैडम आपने अभी तक शादी क्यों नहीं की...?
मैडम ने दास्तान कुछ यूं शुरू की- एक महिला की पांच बेटियां थीं, पति ने उसको धमकी दी कि अगर इस बार भी बेटी हुई तो उस बेटी को बाहर किसी सड़क या चौक पर फेंक आऊंगा, ईश्वर की मर्जी वो ही जाने कि छटी बार भी बेटी ही पैदा हुई और पति ने बेटी को उठाया और रात के अंधेरे में शहर के बीचों-बीच चौक पर रख आया, मां पूरी रात उस नन्हीं सी जान के लिए दुआ करती रही और बेटी को ईश्वर के सुपुर्द कर दिया।
दूसरे दिन सुबह पिता जब चौक से गुजरा तो देखा कि कोई बच्ची को नहीं ले गया है, बाप बेटी को वापस घर लाया लेकिन दूसरी रात फिर बेटी को चौक पर रख आया लेकिन रोज़​ यही होता रहा, हर बार पिता बाहर रख आता और जब कोई लेकर नहीं जाता तो मजबूरन वापस उठा लाता, यहां तक कि उसका पिता थक गया और ईश्वर की मर्जी पर राज़ी हो गया।
फिर ईश्वर ने कुछ ऐसा किया कि एक साल बाद मां फिर पेट से हो गई और इस बार उनको बेटा हुआ, लेकिन कुछ ही दिन बाद बेटियों में से एक की मौत हो गई, यहां तक कि माँ पांच बार पेट से हुई और पांच बेटे हुए लेकिन हर बार उसकी बेटियों में से एक इस दुनियां से चली जाती ।
सिर्फ एक ही बेटी ज़िंदा बची और वो वही बेटी थी जिससे बाप जान छुड़ाना चाह रहा था, मां भी इस दुनियां से चली गई इधर पांच बेटे और एक बेटी सब बड़े हो गए।
टीचर ने कहा- पता है वो बेटी जो ज़िंदा रही कौन है ? "वो मैं हूं" और मैंने अभी तक शादी इसलिए नहीं की, कि मेरे पिता इतने बूढ़े हो गए हैं कि अपने हाथ से खाना भी नहीं खा सकते और कोई दूसरा नहीं जो उनकी सेवा करें। बस मैं ही उनकी खिदमत किया करती हूं और वो पांच बेटे कभी-कभी आकर पिता का हालचाल पूछ जाते हैं ।
पिता हमेशा शर्मिंदगी के साथ रो-रो कर मुझ से कहा करते हैं, मेरी प्यारी बेटी जो कुछ मैंने बचपन में तेरे साथ किया उसके लिए मुझे माफ करना।

22/02/2020

पश्चिम चम्पारण के नये जिला पदाधिकारी, श्री कुन्दन कुमार ने किया पदभार ग्रहण।
जिले के समग्र विकास के लिए सभी को मिलजुल को करना होगा काम: जिलाधिकारी।
जिले के नए डीएम, श्री कुन्दन कुमार ने आज शुक्रवार को समाहरणालय पहुंच कर पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पश्चिम चम्पारण जिले की ऐतिहासिक धरती पर आकर मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। इस जिले के समग्र विकास के लिए सभी को सकारात्मक सोच के साथ मिलजुल कर कार्य करना होगा ताकि यह जिला और तीव्र गति से विकास के पथ पर अग्रसर हो सके। उन्होंने कहा कि यहां पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं, इसको तरासने का कार्य युद्धस्तर पर किया जायेगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास किये जायेंगे।

जिलाधिकारी ने कहा कि युवाओं और आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक कार्य करने हैं ताकि इनका भविष्य उज्जवल हो सके। उन्होंने कहा कि निर्वतमान जिलाधिकारी द्वारा जो भी विकास के कार्य किये गये हैं उनको तीव्र गति से लक्ष्य तक पहंुचाया जायेगा।
जिलाधिकारी द्वारा पदभार ग्रहण करने के उपरांत उपस्थित पदाधिकारियों से जिले में क्रियान्वित विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों से संबंधित जानकारी ली गयी। उन्होंने कहा कि सरकार की सभी योजनाओं का लाभ जिले के अंतिम व्यक्तियों तक पहुंचाने के लिए सभी को कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि जिले के विकास के लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को पूरी ईमानादारी एवं तत्परतापूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा।
जिलाधिकारी द्वारा समाहरणालय परिसर अवस्थित विभिन्न कार्यालयों का जायजा भी लिया गया। इस अवसर पर अपर समाहर्ता, श्री नंदकिशोर साह, उप विकास आयुक्त, श्री रवीन्द्र नाथ प्रसाद सिंह, सिविल सर्जन, डाॅ0 अरूण कुमार सिन्हा सहित जिलास्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

प0 चम्पारण के कर्मठ जिलाधिकारी श्री नीलेश रामचन्द्र देवरे (MBBS, IAS) जी के स्वर्णिम कार्यकाल को प. चम्पारण वासी हमेशा य...
19/02/2020

प0 चम्पारण के कर्मठ जिलाधिकारी श्री नीलेश रामचन्द्र देवरे (MBBS, IAS) जी के स्वर्णिम कार्यकाल को प. चम्पारण वासी हमेशा याद रखेंगे। आपके स्थानांतरण से मन दुखी है लेकिन प्रोन्नति के लिए आपको बधाई ! सफर की अगली कड़ी के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। जहाँ भी रहिए, ईश्वर आपको विजय एवं यश दें। 💐💐
West Champaran (Bettiah)
DM West Champaran

03/12/2019
जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत जागरूकता सम्मेलन/विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास..मुख्य अतिथि माननीय मुख्य...
02/12/2019

जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत जागरूकता सम्मेलन/विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास..
मुख्य अतिथि माननीय मुख्यमंत्री श्री Nitish Kumar

🛣 स्थान-चम्पापुर, प्रखंड - बगहा - २, पश्चिम चम्पारण
🗒 दिनांक-3/12/2019
🏦 निवेदक-जिला प्रशासन, पश्चिम चंपारण
DM West Champaran

25/10/2018

बाल विवाह है दो ज़िन्दगियों की बर्बादी

03/04/2018

29/01/2018
27/09/2017

05/08/2017

।।।।।आत्मविश्वास।।।।।

बाहर बारिश हो रही थी और
अन्दर क्लास चल रही थी,
तभी टीचर ने बच्चों से पूछा कि अगर तुम
सभी को 100-100 रुपये दिए जाए तो तुम सब क्या क्या खरीदोगे ?
किसी ने कहा कि मैं वीडियो गेम खरीदुंगा, किसी ने कहा मैं क्रिकेट का बेट खरीदुंगा, किसी ने कहा कि मैं अपने लिए
प्यारी सी गुड़िया खरीदुंगी,
तो किसी ने कहा मैं बहुत सी चॉकलेट्स
खरीदुंगी । एक बच्चा कुछ सोचने में डुबा हुआ था, टीचर ने उससे पुछा कि तुम
क्या सोच रहे हो ? तुम क्या खरीदोगे ?
बच्चा बोला कि टीचर जी, मेरी माँ को थोड़ा कम दिखाई देता है तो मैं अपनी माँ के लिए एक चश्मा खरीदूंगा ‌।
टीचर ने पूछाः तुम्हारी माँ के लिए चश्मा तो तुम्हारे पापा भी खरीद सकते है, तुम्हें अपने लिए कुछ नहीं खरीदना ?

बच्चे ने जो जवाब दिया उससे टीचर का भी गला भर आया बच्चे ने कहा कि मेरे पापा अब इस दुनिया में नहीं है । मेरी माँ लोगों के कपड़े सिलकर मुझे पढ़ाती है और कम दिखाई देने की वजह से वो ठीक से कपड़े नहीं सिल पाती है इसीलिए मैं
मेरी माँ को चश्मा देना चाहता हुँ ताकि मैं अच्छे से पढ़ सकूँ, बड़ा आदमी बन सकूँ और माँ को सारे सुख दे सकूँ !

टीचर:-बेटा तेरी सोच ही तेरी कमाई है। ये 100 रूपये मेरे वादे के अनुसार और ये 100 रूपये और उधार दे रहा हूँ। जब कभी कमाओ तो लौटा देना। और मेरी इच्छा है तू इतना बड़ाआदमी बने कि तेरे सर पे हाथ फेरते वक्त मैं धन्य हो जाऊं।

15 वर्ष बाद......बाहर बारिश हो रही है,
अंदर क्लास चल रही है। अचानक स्कूल के आगे जिला कलेक्टर की बत्ती वाली
गाड़ी आकर रूकती है। स्कूल स्टाफ चौकन्ना हो जाता हैं। स्कूल में सन्नाटा छा जाता है। मगर ये क्या ?

जिला कलेक्टर एक वृद्ध टीचर के पैरों में गिर जाते हैं और कहते हैं:-" सर मैं दामोदर दास उर्फ़ झंडू!! आपके उधार के 100 रूपये लौटाने आया हूँ"

पूरा स्कूल स्टॉफ स्तब्ध !!! वृद्ध टीचर झुके हुए नौजवान कलेक्टर को उठाकर भुजाओं में कस लेता है और रो पड़ता हैं। हम चाहें तो अपने आत्मविश्वास और मेहनत के बल पर अपना भाग्य खुद लिख सकते है और अगर हमको अपना भाग्य लिखना नहीं आता तो परिस्थितियां हमारा भाग्य लिख देंगी..

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