13/05/2026
कुछ लोग पद से बड़े बनते हैं,
और कुछ अपने व्यवहार, समर्पण और संस्कारों से…
डॉ. अशोक जांगिड़ जी उन्हीं व्यक्तित्वों में से एक हैं, जिन्होंने शिक्षा को केवल नौकरी नहीं बल्कि समाज निर्माण का माध्यम माना है।
छोटी-मोटी घटनाएं सूर्य की रोशनी को कभी कम नहीं कर सकतीं।
जो व्यक्ति हजारों बच्चों के भविष्य को दिशा देता हो, उसे परिस्थितियां नहीं, उसका धैर्य और कर्म पहचान दिलाते हैं।
डॉ. अशोक जांगिड़ जी,
आपका संघर्ष, आपका शांत स्वभाव और विद्यालय के प्रति समर्पण हर शिक्षक के लिए प्रेरणा है।
हिम्मत बनाए रखिए, क्योंकि सच्चाई और अच्छे कर्मों की आवाज कभी दबती नहीं।
पूरा तारानगर आपके साथ खड़ा है।
आप जैसे शिक्षक ही समाज की असली ताकत हैं।
जय हिंद 🇮🇳