18/07/2024
रेलवे में स्लीपर श्रेणी एवं सामान्य श्रेणी के डिब्बों को कम करने के विरुद्ध प्रदर्शन
इधर भारतीय रेल स्लीपर श्रेणी एवं सामान्य श्रेणी के डिब्बों में कटौती कर एअर कण्डीशण्ड डिब्बों की संख्या बढ़ा रही है। स्लीपर श्रेणी का किराया सामान्य श्रेणी के किराए से डेढ़ गुना से ज्यादा होता है व ए.सी. तृतीय श्रेणी का किराया स्लीपर श्रेणी से दो गुना से ढाई गुना होता है। आजकल बस कर किराया सामान्य श्रेणी के किराए से तीन गुना से ज्यादा हो गया और लगभग रेलवे के ए.सी. तृतीय श्रेणी के किराए के बराबर हो गया है। यह सोचने का विषय है कि जिस देश में इंसान सामान्य श्रेणी में जानवरों की तरह सफर करने को तैयार होता है तो उसकी मजबूरी ही होगी कि वह उससे ज्यादा पैसे नहीं खर्च कर सकता। यदि सामान्य श्रेणी और स्लीपर श्रेणी के डिब्बों की संख्या कम की जाएगी तो भारत का आम यात्री कैसे यात्रा करेगा। यदि हमारे संविधान में दिए गए मौलिक अधिकार अनुच्छेद 19(घ) कि कोई देश में कहीं भी यात्रा कर सकता है का उल्लंघन है क्योंकि रेलवे ही यात्रा करने का सबसे सस्ता साधन है।
24 जुलाई को लखनऊ के चारबाग उत्तर रेलवे स्टेशन के बाहर दिन में 11 बजे से 2 बजे तक एक प्रदर्शन का आयोजन किया गया है जिसमें आप सभी आमंत्रित हैं।
स्लीपर एवं सामान्य श्रेणी के डिब्बों में कटौती के खिलाफ प्रदर्शन
दिनांक एवं दिनः 24 जुलाई, बुद्धवार
स्थानः उत्तर रेलवे स्टेशन के सामने, चारबाग
समयः दिन में 11 बजे से 2 बजे तक
संदीप पाण्डेय, महासचिव, सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया), फोनः 0522 2355978, 3564437, सम्पर्कः 7309081166 (मोहम्मद अहमद खान)
ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, भारतीय रेल संघर्ष मोर्चा, 9425885964, 7247594063, 7898649829
सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) की मांगें
1. रेलवे में स्लीपर श्रेणी एवं सामान्य श्रेणी के डिब्बों में की गई कटौती को बहाल किया जाए। किसी श्रेणी में चलने वाले यात्रियों की संख्या के आधार पर डिब्बों की संख्या तय होनी चाहिए न कि मनमाने तरीके से।
2. जलवायु परिवर्तन के गहराते संकट को देखते हुए धारे धीरे एअर कण्डीशण्ड डिब्बे हटाए जाएं।
3. यात्रियों के किराए में की जा रही बढ़ोतरी रोकी जाए। वरिष्ठ नागरिकों, विकलांगों, आदि को दी जाने वाली छूट बहाल की जाए। टिकट रद्दीकरण के पुराने नियम बहाल किए जाएं।
4. रेलवे की विभिन्न सेवाओं में किए जा रहे निजीकरण को रोका जाए।
5. संविदा कर्मचारियों की जगह नियमित कर्मचारियों के काम कराया जाए। खाली पड़ी जगहों पर तुरंत नियुक्तियां की जाएं।
6. आई.आर.सी.टी.सी. को पूरी तरह भारतीय रेल के तहत लाया जाए। आई.आर.सी.टी.सी. द्वारा संचालित निजी तेजस एक्सप्रेस को भारतीय रेल चलाए।
7. भारतीय रेलवे में कोई भी परिवर्तन बिना जनता से सुझाव लिए नहीं किया जाए। कम से कम संसद में तो बहस होनी ही चाहिए।
Demonstration against reduction of Sleeper and General Class coaches in Indian Railways trains
Date and day: 24 July, Wednesday
Venue: Outside Northern Railway Station, Charbagh, Lucknow
Time: 11 am to 2 pm
Sandeep Pandey, GS, SP(I), Ph: 0522 2355978, 3564437, 7309081166 (Mohammad Ahmad Khan)
Ishwar Chandra Tripathi, Bhartiya Rail Sangharsh Morcha, 9425885964, 7247594063, 7898649829
Demands of Socialist Party (India)
1. Restore the reduction in Sleeper and General Class coaches in various trains of Indian Railways. The number of coaches of any class should be determined by number of passengers willing to travel in those classes rather then arbitrarily.
2. Considering the impending crisis of Climate Change Air Conditioned coaches should be phased out.
3. Increase in fare of passenger should be reversed. Restore the concession for senior citizens, disabled persons, etc. Restore the old ticket cancellation rules.
4. Stop the privatisation of various services of Indian Railways.
5. Replace all contract employees with regular employees and immediately fill the vacant positions.
6. IRCTC should become part of Indian Railways. Tejas trains being operation by IRCTC should also be run by IR.
7. No change in Indian Railways should take place without feedback from passengers. At least a discussion in Parliament should take place.